योग एवं ध्यान स्वास्थ्य जीवन का आधार है।
मन को शांत रखने तथा तनाव को कम करने के लिए जरूरी है कि हम अपने विचारों को सकारात्मक रखें। जीवन में सकारात्मक रहने से मन को शांति मिलती है, अच्छे विचारों का सृजन होता है जिससे तनाव को कम किया जा सकता है। वर्तमान समय में हम कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहे है। अनकों सामाचार पत्र एवं सोशल मीडिया के माध्यम से हमें कोरोना महामारी के समाचार प्राप्त हो रहे है जिसमें कोरोना से बिगड़ते हालातों तथा कोरोना वायरस से पीड़ितों की मृत्यु के दुःखत समाचार हमारे मन मस्तिष्क में बहुत सारे ऐसे नकारात्मक विचारों को उत्पन्न करता है जिससे हम तनाव ग्रस्त हो जाते है। ऐसे में हमारा स्वास्थ्य बहुत प्रभावित होता है।
ऐसे समय में जरूरत है की हम हर समय सकारात्मक रहे, सकारात्मकता के लिए जरूरी है कि हम अपनी दिनचर्या में बदलाव करे प्रातः काल उठकर योग, ध्यान करने से हमारे मन को शांति मिलती है योग एवं ध्यान एक ऐसा माध्यम है जिससे हम सकारात्मक जीवनयापन कर सकते है योग हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है योग एवं ध्यान से हम मन को शांत रख सकते है।
प्रत्येक दिन योगाभ्यास करने से हमारी शारीरिक क्षमता
में वृद्धि होती है शरीर स्वस्थ होता है। योग करने से मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम हो जाता है। योग करने से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। योागाभ्यास करने से रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है, योग से रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है, योग करने से शरीर स्वस्थ और निरोग होता है। योग के माध्यम से हम अपने शरीर को तंदुस्त बना सकते है तो वहीं दूसरी ओर शरीर से फैट को भी कम किया जा सकता है। योग से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल किया जा सकता है जिससे डायबिटीज रोगियों के बैड कोलेस्ट्रोल को कम कर सकते है।
आपके मन के विचार ही आपकी शांति, सुख और खुशी से जुड़े है जैसे मन में विचार उत्पन्न होते है वैसे ही हमारा शरीर बनता है। नकारात्मकता का थोड़ा-सा अंधकार हमारी सकारात्मकता ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। मन को शांत एवं सुखी रखने के लिए ध्यान लगाना बहुत जरूरी हैं ध्यान लगाने से मन को शांति मिलती है अच्छे विचारों का सृजन होता है, सकारात्मकता बढ़ती है, जीवन तनाव मुक्त रहता है जिससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है। हमें सोचने, समझने की शक्ति प्रदान होती हैं। हमारे मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते है। हम आशावादी बने रहते है, यह सोचें कि जब बुरी चीजें होती हैं, तो वे हमेशा नहीं बनी रहेंगी। अच्छा समय भी वापस आएगा। हर रात के बाद नया सवेरा होता है और नये सवेरे के साथ एक नई ऊर्जा होती है। जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया रखने वाला व्यक्ति नकारात्मक रवैये वाले व्यक्ति की तुलना में कहीं ज्यादा होशियार हो सकता है।
-अभिषेक खरे


0 टिप्पणियाँ