अपने अंतर्निहित रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity)
को बढ़ाने के उपाए
- पूर्ण आराम करें । पानी और तरल पदार्थ जैसे शिकंजी , सुप इत्यादि भरपूर मात्रा में लें ।
- भोजन बहुत ही हल्का जैसे पतली खिचड़ी / दलिआ ।
- तरबूजा , खरबूजा , पपीता जैसे फल पर्याप्त मात्रा में ले ।
- रात का खाना 7 बजे के पहले । रात में जल्दी सोना ।
- आयुष काढ़ा नियमित सेवन करें ।
काढ़ा बनाने की विधि
दालचीनी पॉवडरआधा चम्मच , 2-3 दाने काली मिरच , 1-2 ग्राम सोंठ या 1 इंच अदरक का टुकड़ा , तुलसी के 5-6 पत्ते , मुनक्का 5-6 दाने 2 कप पानी में उबालें । 1 कप रहने पर छान कर 1/2 ग्राम काला नमक , निम्बू का 1/4 भाग मिला दें मिठास के लिए शहद , गुड़ या शक्कर डाल कर गर्म गर्म पीयें ।
अपने सांस को बल देने के उपाए
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर , खुली जगह में जाकर आधा घंटा गहरी साँस लें 60 बार कपाल भांति या 20 बार भस्त्रिका या घम क्रिया या सुदर्शन क्रिया करना है । इन साँस की क्रियाओं को आपको खाली पेट की अवस्था में नाश्ता के पहले , दिन के भोजन और सायं काल , रात्रि के भोजन के पहले भी दोहराना है यानी दिन में 4 बार । दिन में 4 बार आधा आधा घंटा भ्रामरी करना है । प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में , नाश्ता के पहले , दिन के खाना के पहले एवं सायं काल , रात के खाना के पहले ।अन्य उपाय
- प्रातः काल एवं सायं काल , उपरोक्त वर्णित सभी क्रियाओं के बाद आपको सेंधा नमक एवं हल्दी चूर्ण डाल कर गर्म पानी से गार्गल / गरारे करना ।
- प्रातः काल एवं सायं काल , उपरोक्त वर्णित सभी क्रियाओं के बाद , गार्गल के पश्चात , सेंधा नमक डाले हुए गुनगुने पानी से नेति करने के बाद शवासन में रहना लाभकारी है । दिन में एक बार तेल लगाकर धूप में बैठना है 15 - 20 मिनट के लिए ।


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