इम्युनिटी बढ़ाने वाले प्राणायाम

(Pranayama to Increase Immunity)

        कोरोना कालखण्ड में रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए व्यक्ति तरह-तरह के जतन कर रहा है जिसमंे योग-प्राणायाम भी शामिल है। शरीर में आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए एवं फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे सरल तीन प्राणायाम एवं ओम मंत्र के उच्चारण की विधि को आई जानते है.........


अनलोम-विलोम

        अनलोम-विलोम को करने के लिए सुखासन या किसी और आसान में बैठकर अपने अंगूठे से दाएं नाक के छेद को दबाएं और बाएं नाक के छेद से श्वास ले, इसके बाद दाएं नाक के छेद को दबाएं और बाएं नाक के छेद से श्वास छोड़े। यही क्रिया दूसरी तरफ से भी करें। इस प्रक्रिया को 05-10 मिनट तक दोहराएं, अभ्यास होने पर 15 मिनट तक करे।

लाभ - इस प्रक्रिया से खून साफ होता है। खून में आक्सीजन की मात्रा भी बढ़ जाती है। 


कपालभाति

        सुखासन की स्थिति में बैठकर जो से श्वास अंदर-बाहर कीजिए। श्वास लेने और छोड़ने का असर आपके पेट पर दिखना चाहिए। इस क्रिया को 25-30 बार करें।

लाभ - फेफड़े ठीक से काम करते हैं। श्वास संबंधी रोग दूर करने में लाभकारी है।


भ्रामरी

     
   
शांत जगह पर जाए सुखासन में बैठकर कानों को अंगूठों और आंखों को अंगुलियों से बंद करें, ध्यान रहे आंखों को दबाना नहीं है, इसके बाद मुंह बंद नाक से गहरी लंबी श्वास ले और श्वास छोड़ते हुए ओम का गुंजन करे। इसे 10-15 बार करें।

लाभ- भ्रामरी करने से तनाव, गुस्सा और अवसाद दूर होता है। मस्तिष्क स्वस्थ रहता है, इम्यूनिटी बढ़ती है।


ओम उच्चारण की सही विधि

        रोज सुबह सूर्योदय के समय उठ जाये इसके बाद एक शांत जगह पर जाकर बैठ जाएं, सुखासन या किसी और आसान में बैठकर ओम का  उच्चारण क्षमतानुसार करें। ओम को बोलते समय पूरा ध्यान एक केंद्र बिंदू पर रखे। 


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