बाल मनुष्य के शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं काले, लंबे एवं घने बाल सभी को पसंद होते हैं, अगर बात महिलाओं की हो तो उन्हें अपने बालों से बहुत प्यार होता हैं। वह अपने बालों को सुंदर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के जतन करती रहती है। और इसी जतन में वह विभिन्न प्रकार के कैमिकल्स का उपयोग भी करती है। जिससे उनके बाल और ज्यादा घने, लंबे एवं काले बन सके। उसी प्रकर पुरूष भी अपने आपको सुंदर दिखाने के लिए अपने बालों पर तरह-तरह के प्रयोग करते रहते है। बालों की शैली (Hairstyle) को बदलते रहते है। जिससे उनमें धीरे-धीरे बालों के झड़ने की समस्या हो जाती है। और इससे बचने के लिए वह विभिन्न प्रकार के कैमिकल्स का उपयोग बिना किसी जानकारी के करते है। जिससे उनमें बाल झड़ने (Hair Fall) की समस्या और बढ़ जाती है और बाद में यह समस्या गंजेपन (Baldness) में बदल जाती है।
बालों का झड़ना (Hair Fall problem) एक आम समस्या बन गई है। इसका जल्द से
जल्द इलाज करना बहुत जरूरी होता है। आजकल लोगों की जीवनशैली और खान-पान इतनी बुरी
हो गई है कि इसका सीधा असर बालों पर पड़ता है। ऊपर से प्रदूषण और हेयर प्रोडक्ट के
केमिकल के कारण भी बालों पर असर पड़ता है, जो बाद में बालों के झड़ने का कारण बन
जाता है।
बाल अगर आम कारणों से झड़ रहा है तो घरेलू नुस्ख़े बहुत काम आते हैं। आप बालों को झड़ने से रोकने के उपाय या इलाज करने में जितनी देरी करेंगेए उतनी ही तेजी से बाल झड़ती जाएगी। असल में बालों के गिरने की समस्या को लोग पहले नजरअंदाज करते हैं, इसलिए सही समय पर इसका इलाज नहीं हो पाता है। असमय बाल झड़ने से लोग अपनी उम्र से ज्यादा उम्र के नजर आने लगते हैंए इसलिए लोग बहुत ज्यादा स्ट्रेस में भी आ जाते हैं।
आजकल बालों का झड़ना एक आम समस्या हो गई है। हर दूसरा व्यक्ति इस परेशानी से जूझ रहा है। कई लोगों के बाल समय से पहले इतने झड़ जाते है कि उन्हें हेयर ट्रांसप्लांट करवाकर इलाज (balo ka ilaj) करना पड़ता है। बालों का झड़ना जब थोड़ा-थोड़ा करके बढ़ने लगता है तो गंजेपन की नौबत आ जाती है। सामान्यत 50 से 100 बाल लगभग हर दिन टूटते-झड़ते है यदि इससे ज्यादा बाल झड़ते है तो ये गंजापन का विषय है। गंजेपन की अवस्था आने से पहले बालों का झड़ना रोकने के लिए घरेलू नुस्ख़ों का आजमाने से सही परिणाम मिलता है।
लेकिन क्या आपको पता है कि बालों का झड़ना
या गंजापन दो तरह के होते हैं। वैसे तो बाल गिरने की समस्या आम तौर पर 30 साल
के बाद से शुरू हो जाती है। पुरुषों में इस समस्या को मेल पैटर्न बॉल्डनेस (male pattern baldness) कहते है।
महिलाओं में (Androgenetic Alopecia) को (female pattern baldness) कहते है इस समस्या से पीड़ित महिलाओं में
पूरे सिर के बाल कम हो जाते है पर हेयरलाइन पीछे नहीं हटती। महिलाओं में इसके कारण शायद
ही कभी पूरी तरह गंजेपन की समस्या होती है।
क्या है बाल झड़ने का कारण (Causes of Hairfall)
बाल झड़ने के आम कारण ये हैंः-असंतुलित आहार
योजना, गलत जीवनशैली, आनुवांशिकता यानि हेरीडियेटरी, दवाओं
के दुष्प्रभाव आदि आदि। चलिये ऐसे और कारणों के बारे में जानते हैं-
- लंबी बीमारी या किसी बड़ी शल्य क्रिया या सर्जरी, गंभीर संक्रमण या इंफेक्शन और शारीरिक तनाव से दो या तीन महीने के बाद बालों का झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है।
- हार्मोन स्तर में आकस्मिक बदलाव के बाद भी ये हो सकता है, विशेषकर स्त्रियों में शिशु को जन्म देने के बाद यह होता है।
- दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण।
- किसी बीमारी के लक्षण के रूप में भी बालों का झड़ना हो सकता है जैसे कि थायरॉयड, सेक्स हार्मोन में असंतुलन या गंभीर पोषाहार समस्या विशेषकर प्रोटीन, जिंक, बायोटीन की कमी। यह कमी खान-पान में परहेज करने वाले और महिलाओं में मासिक धर्म में बहुत ज्यादा रक्तस्राव होने पर होता है।
- सिर की त्वचा में फफूंद से संक्रमण हो जाता है तो बीच-बीच में बाल झड़ते है।
- वंशानुगत गंजापन या वंश में कोई गंजा है तो वह आनुवांशिकता के तौर पर मिल सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार बाल झड़ने के और भी बहुत सारे कारण होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार वात के साथ मिला पित्त रोमकूपों में जाकर बालों को गिरा देता है तथा इसके अनन्तर रक्त के साथ मिला हुआ कफ रोमकूपों को बन्द कर देता है जिससे उस स्थान में दूसरे बाल पैदा नहीं होते है। इसके साथ बाल गिरने का एक कारण नहीं बल्कि कई कारण है,जैसे- नमक का अधिक सेवन करने से गंजापन आ जाता है। और तनाव, संक्रमण, हार्मोन असंतुलन, अपर्याप्त पोषण, विटामिन और पोषक पदार्थो की कमी, दवाओं के दुष्प्रभाव, लापरवाही बरतना या बालें की सही देखभाल न होना, गलत प्रकार के शैम्पू का प्रयोग भी होता है।

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